पुरानी कार खरीदना एक समझदारी भरा वित्तिय निर्णय हो सकता है, लेकिन तभी जब आप अपने कार लोन के स्ट्र्रक्चर को समझें। सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक यह समझना है कि बैंक या फाइनेंसर आपको यूज्ड या प्री-ओन्ड कार के लिए कितना हिस्सा लोन के रूप में देने को तैयार है। इसे लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) रेशो या अनुपात द्वारा दर्शाया जाता है।

इस गाइड में, हम आपको बताएंगे कि ज्यादातर लोन देने वाले फाइनेंसर आपकी प्री-ओन्ड कार के एलटीवी का कैलकुलेशन कैसे करते हैं और यह आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

 

लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात क्या है? और यह कैसे किया जाता है कैलकुलेट?

लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात यह दर्शाता है कि फाइनेंसर लोन देते समय कितना जोखिम उठाने को तैयार है। यूज्ड कारों के मामले में, एलटीवी कार की कीमत का वह प्रतिशत है जिसे फाइनेंसर फाइनेंस करने के लिए हामी भरता है।

एलटीवी कैलकुलेशन फॉर्मूला

एलटीवी अनुपात (%) = (लोन राशि / कार की वैल्यू) × 100

यदि आपके पसंद की यूज्ड कार की कीमत 10 लाख रुपये है और फाइनेंसर 70% लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात की पेशकश कर रहा है, तो आपको 7 लाख रुपये का लोन मिलेगा और बचे 3 लाख आपको डाउन पेमेंट के रूप में चुकाने होंगे।

जितना अधिक एलटीवी होगा, फाइनेंसर उतना ही अधिक लोन देगा, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि उनके लिए जोखिम भी अधिक है और आपको ज्यादा ईएमआई देनी होगी या लोन की अवधि लंबी होगी।

 

लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात कैसे निर्धारित किया जाता है?

हर फाइनेंसर का एलटीवी अनुपात की कैलकुलेशन करने का अपना तरीका होता है। लेकिन आपका एलटीवी अनुपात मुख्य रूप से चार बातों पर निर्भर करता है:

1. कार का मॉडल

लोकप्रिय मॉडलों की कारों री-सेल वैल्यू ज्यादा होती है। इसलिए, फाइनेंसर्स आमतौर पर ऐसे कार मॉडलों के लिए ज्यादा एलटीवी की पेशकश करते हैं।

हालांकि, लग्जरी कार मॉडल या ऐसे कार मॉडल जिन्हें केवल सीमित ग्राहक ही खरीदते हैं, उनकी री-सेल वैल्यू तेजी से घटती है। इसलिए, इन कार मॉडलों का एलटीवी कम होता है।

 

2. कार की उम्र और कंडीशन 

यूज्ड कारों का एलटीवी अनुपात कम होता है क्योंकि अच्छी कंडीशन वाली नई कार की तुलना में उनमें जोखिम ज्यादा होता है।

 

3. लोन लेने वाले की इनकम और क्रेडिट स्कोर

यदि आपकी आय स्थिर है और आपका लोन चुकाने का इतिहास अच्छा है, तो आपको कम जोखिम वाला व्यक्ति माना जाता है, जिससे आपका एलटीवी अनुपात कम हो जाता है।

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4. यूज्ड कार लोन के लिए फाइनेंसर्स की नीतियां

विभिन्न फाइनेंसर्स की जोखिम लेने की क्षमता अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, एस.के फाइनेंस कार लोन के लिए बेहतर एलटीवी की पेशकश करता है। उनके लोन अवधि को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यूज्ड कार की ओनरशिप ज्यादा आसान हो, लेकिन साथ ही यह ज्यादा महंगा भी न हो।

 

लोन लेने वालों पर एलटीवी अनुपात का क्या प्रभाव पड़ता है?

आपका एलटीवी अनुपात आपके द्वारा ली गई लोन राशि और आपके द्वारा किए गए डाउन पेमेंट के बीच संतुलन निर्धारित करता है। यह आपकी कॉस्ट को इस प्रकार प्रभावित करता है:

एलटीवी अनुपातलोन राशिडाउन पेमेंटप्रभाव
ज्यादा एलटीवी (90%)9,00,000 रुपयेकमशुरुआत में आसान, लेकिन समय के साथ ईएमआई और ब्याज दर बढ़ती जाती है।
कम एलटीवी (70%)7,00,000 रुपयेज्यादाशुरुआती भुगतान अधिक होगा, लेकिन लंबे समय की लागत कम होगी।

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पुरानी कारों के लिए अच्छा एलटीवी (लोन-टू-वैल्यू) अनुपात क्या है?

हर किसी के मन में यही सवाल रहता है कि ज्यादातर फाइनेंसर्स पुरानी कारों पर कितना एलटीवी अनुपात देते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्यादातर फाइनेंसर्स और एनबीएफसी पुरानी या प्री-ओन्ड कारों के लिए 70 से 80 प्रतिशत  के एलटीवी अनुपात की पेशकश करते हैं। यह एक संतुलित सीमा है, जहां आपको भारी डाउन पेमेंट करने या भारी ईएमआई के बोझ तले दबने की जरूरत नहीं होती। एस.के फाइनेंस आपको बेहतर ब्याज दरों, लोन चुकाने के आसान प्लान और पारदर्शी शर्तों पर यूज्ड कार लोन की पेशकश करता है, जिससे आपकी मनचाही कार खरीदने का सफर तनावमुक्त हो जाता है।

The Loan-to-Value (LTV) Ratio for a Pre-Owned Car

सोर्स

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क्या लग्जरी यूज्ड कारों पर लोन-टू-वैल्यू अनुपात(एलटीवी) ज्यादा होता है या कम?

लग्जरी यूज्ड कारों का एलटीवी अनुपात आमतौर पर कम होता है। ऐसे वाहनों की वैल्यू तेजी से घटती है और इनके मेंटेनेंस और रिपेयरिंग का खर्च भी आपकी जेब पर भारी पड़ता है। इस जोखिम को कम करने के लिए, लोन देने वाली कंपनियां आमतौर पर महंगी गाड़ियों के लिए एलटीवी कम रखती हैं, भले ही आपकी फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी हो।

 

क्या सेकंड हैंड कार पर पूरा लोन लिया जा सकता है?

कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या सेकंड हैंड कार पर पूरा लोन लिया जा सकता है। तो चलिए, हम आपको बता दें कि तकनीकी रूप से तो पूरा लोन लिया जा सकता है, लेकिन असल में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। एस.के फाइनेंस समेत कई लोन देने वाली कंपनियां डाउन पेमेंट को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि इससे ग्राहक की प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है और लोन चुकाने में चूक का जोखिम भी कम होता है। 100 प्रतिशत लोन पर ब्याज दर अधिक हो सकती है या नियम व शर्तें भी सख्त हो सकती हैं। सबसे अच्छा लोन ऑफर पाने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  1. फाइनेंस कंपनियों के लॉन्ग-टर्म वैल्यू (एलटीवी) अनुपात की तुलना करें; थोड़ा सा अंतर भी आपकी ईएमआई को काफी हद तक बदल सकता है।
  2. यदि संभव हो, तो थोड़ी अधिक डाउन पेमेंट करें। इससे समय के साथ आपके ब्याज की लागत कम हो जाएगी।
  3. अपना क्रेडिट स्कोर अच्छा बनाए रखें; यह आपके बजट को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  4. पुरानी या यूज्ड लग्जरी कारों के लिए, अपने बजट को नियंत्रित करने के लिए कम एलटीवी वाला मॉडल चुनने का प्रयास करें।

 

निष्कर्ष

लोन-टू-वैल्यू अनुपात सिर्फ एक संख्या नहीं है; यह दर्शाता है कि आपका फाइनेंसर्स कितना जोखिम उठा रहा है और आप खरीदी गई संपत्ति के कितने हिस्से के मालिक हैं। कागज़ात पर हस्ताक्षर करने से पहले, आपको अपना एलटीवी जानना आवश्यक है क्योंकि यह आपकी ईएमआई से लेकर आपकी मानसिक शांति तक हर चीज़ को प्रभावित करता है।

यदि आप अपनी पहली कार खरीदना चाहते हैं या अपनी पुरानी कार एक्सचेंज करना चाहते हैं, तो आज ही हमारी नज़दीकी एस.के फाइनेंस शाखा में पधारें। हमारे प्रतिनिधी आपकी आय के आधार पर यह पता लगाने में आपकी मदद करेंगे कि आप कितना लोन ले सकते हैं और इसे चुकाने के सर्वोत्तम तरीके क्या हैं। कार लोन के लिए हम इंडस्ट्री में सबसे बेहतर ब्याज दरों की पेशकश करते हैं।

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